Paperback 192 pages
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“मैल्कम एक्स, एल्ड्रिज क्लीवर, अमीरी बराका और ब्लैक पैंथर नेताओं के लेखन से साफ़ झलकता है कि वे फ्रांत्ज़ फ़ैनन के विचारों से कितने गहराई से प्रभावित थे।” — द बॉस्टन ग्लोब
“महान अश्वेत उपनिवेश-विरोधी बुद्धिजीवियों में से एक।” — एडवर्ड सईद
“इस सदी में नस्लवाद और औपनिवेशिकता के सबसे प्रभावशाली चिंतक।” — एंजेला डेविस
“फ्रांत्ज़ फ़ैनन बीसवीं सदी के मध्य के सबसे महान क्रांतिकारी विचारक हैं—और इक्कीसवीं सदी के लिए सबसे प्रासंगिक भी।” — कॉर्नेल वेस्ट
“आप पाएंगे कि एंगेल्स के बाद फ़ैनन पहले विचारक हैं जिन्होंने इतिहास की प्रक्रियाओं को दिन के उजाले में स्पष्ट रूप से सामने रखा।” — ज्यां-पॉल सार्त्र
“यह पश्चिम के लिए एक स्पष्ट आह्वान है कि वह गैर-पश्चिमी मनुष्य की गरिमा को स्वीकार करे।” — अफ्रीकन फ़ोरम
“[यह किताब] आज भी अपने पाठक के लिए वैसी ही ताज़गी रखती है जैसी उसके लिखे जाने के समय थी, क्योंकि फ़ैनन का उद्देश्य केवल शोषण के तथ्यों को दर्ज करना नहीं था, न ही जनता की पीड़ा या साम्राज्यवादी दमन की क्रूरता का वर्णन करना . . . उनका असली लक्ष्य था मूल तत्वों तक पहुंचना— अल्जीरियाई जनता की संघर्ष-चेतना, उनके विरोध का आत्मबल, उनकी पहल करने की शक्ति; उनका अनंत, विविध, और कभी न थमने वाला प्रतिरोध; उनका दैनिक साहस; कुछ ही हफ़्तों, दिनों, यहां तक कि मिनटों में वह सब सीख लेने की क्षमता जो मुक्ति के संघर्ष के लिए ज़रूरी था; और सबसे बढ़कर, अपनी ज़िन्दगी बदल देने का वह साहस, अपनी दिनचर्या, अपने पूर्वाग्रहों और अपनी पुरानी परंपराओं को छोड़ देने का साहस, क्योंकि वे क्रांतिकारी संघर्ष में बाधा थीं।” — अडोल्फ़ो गिली
Ghassan Kanafani (ग़स्सान कनफ़ानी)
अरबी से अनुवाद
Rashid Khalidi (राशिद ख़ालिदी)
अंग्रेज़ी से अनुवाद
Meera Nanda (मीरा नंदा)
अंग्रेज़ी से अनुवाद
Etgar Keret (एटगर केरेट)
हिब्रू से अनुवाद
Frantz Fanon (फ्रांत्ज़ फ़ैनन)
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